How Many Computer Generation in hindi | कंप्यूटर की जनरेशन को विस्तार से समझाइए?

How Many Computer Generation in hindi | कंप्यूटर की जनरेशन को विस्तार से समझाइए? Computer ki Generation se kya matlab hota hai?

इस आर्टिकल में कंप्यूटर की जनरेशन की विस्तार से जानकारी दी गयी है। कंप्यूटर की जनरेशन क्या है? कंप्यूटर को कितनी जनरेशन में वर्गीकृति किया गया है। पिछली पोस्ट में हमने Computer kya hai विस्तार से पूरी जानकारी दी है। अगर आपने ने  वह पोस्ट नही पढ़ा है तो उसे भी जरूर पढ़े क्योंकि उसमें कंप्यूटर के बारे में सभी जानकारी दी गई है।

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कंप्यूटर जनरेशन क्या है? कंप्यूटर की सभी पीढ़ियों की व्याख्या करें– Computer ki Generation se kya matlab hota hai?

जैसा की आप को पता होगा की वर्तमान समय में जिस प्रकार के कंप्यूटर देखने को मिलते हैं, शुरुआती दौर पर ऐसे बिल्कुल भी नही थे। शुरुआती दौर में कंप्यूटर काफी बड़े और बहुत ही काम्प्लीकेटेड हुआ करते थे। फिर उनमें कई सारे बदलाव किए गये उनमें नए-नए फीचर ऐड होते चले गए। जिसकी बजह से आज के कंप्यूटर हमारे जेब तक में रखने लायक हुए।

कंप्यूटर की इन्ही विकास के चरणों को कंप्यूटर जनरेशन के नाम से जाना जाता है। कंप्यूटर की जनरेशन का अर्थ होता है कंप्यूटर की पीढ़ी। 

How Many Computer Generation in Hindi – कंप्यूटर की जनरेशन को विस्तार से समझाइए?

How Many Computer Generation in hindi | कंप्यूटर की जनरेशन को विस्तार से समझाइए?
How Many Computer Generation in hindi – कंप्यूटर की जनरेशन

 

कंप्यूटर को विकास के आधार पर 5 पीढ़ियों में वर्गीकृत किया गया है जिनके बारे में आगे विस्तार से बताया गया है।

  1. पहली पीढ़ी (First Generation)  – 1946 से 1956
  2. दूसरी पीढ़ी (Second Generation) – 1956 से 1964
  3. तीसरी पीढ़ी (Third Generation) – 1964 से 1971
  4. चौथी पीढ़ी (Forth Generation) – 1971 से 1980
  5. पाँचवीं पीढ़ी (Fifth Generation) – वर्तमान और भविष्य

Computer 1st Generation – फस्ट जनरेशन के कंप्यूटर (1946 से 195)

सन् 1946 में एकर्ट और मुचली के द्वारा एनिएक (ENIAC) नामक कम्प्यूटर किया गया था जिसेसे कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी का प्रारंम्भ हो गया। पहली पीढ़ी के कंप्यूटरो में वैक्यूम ट्यूब (Vacuum tube) प्रयोग किया गया था जिसका आविष्कार सन् 1904 में ही हो चुका था। इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में स्विचिंग के लिए वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया तथा इनपुट के लिए पंचकार्ड और साथ ही स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का उपयोग किया जाता था।

Vaccum Tube वैक्यूम ट्यूब
Vaccum Tube

 

प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटरो का आकार काफी बड़ा था लगभग एक बड़े कमरे की पूरी जगह में एसेम्बल किया जाता था। और इन्हे चलाने के लिए इतनी बिजली खर्च होती थी जितनी किसी कारखाने को चलाने में होती है। साथ ही काफी स्लो चलते थे। चूकि इसमें वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था जिसके कारण से हीटिंग की बहुत बड़ी समस्या बनी रहती थी जिसके लिए कई सारे एयर कंडीसनर का प्रयोग किया जाता था।

तथा जल्दी ही गरम होकर वैक्यूम ट्यूब भी खराब हो जाते थे जिन्हे समय-समय पर बदलना पड़ता था।

प्रथम पीढ़ी में कई कंप्यूटर विकसित हुए जैसे – 

EDSAC – Electronic Delay Storage Automatic Calculator

EDVAC – Electronic Discrete Variable Automatic Computer

UNIVAC – Universal Automatic Computer

UNIVAC – 1

फस्ट जनरेशन के कंप्यूटर की विशेषताए क्या थी?

  • वैक्यूम ट्यूब से चलते थे।
  • इनपुट के लिए पंचकार्ड का प्रयोग होता था।
  • स्टोरेज के लिए मैग्नेटिक ड्रम का इस्तेमाल।
  • ये कंप्यूटर बहुत ही नाजुक और कम विश्वसनीय थे।
  • कंप्यूटर को ठंडा करने के लिए बहुत सारे एयर कंडीशनरों का प्रयोग होता था जिससे बिजली की खपत बहुत ज्यादा होती थी।
  • मशीनी तथा असेम्बली भाषा में प्रोग्रामिंग।

Computer 2nd Generation – सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर (1956 से 1964)

सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर की शुरुआत तब हुई जब वैक्यूम ट्यूब की जगह ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल होने लगा। ट्रांजिस्टर का आविष्कार विलियम शॉकले (William Shockley) ने 1947 में किया था। ये ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब की तुलना में कई गुना बेहतर थे क्योकि ये बहुत फास्ट होने के साथ ही कम बिजली खर्च करते थे जिससे कंप्यूटर को चलाना कुछ हद तक सस्ता हो गया लेकिन Heat की समस्या अब भी बनी थी।

Transistors
Transistors

 

इस पीढ़ी के कंप्यूटर मशीनी भाषा की जगह Assembly language का इस्तेमाल करते थे। इसमें COBOL और FORTRAN उच्च स्तरीय भाषा का इस्तेमाल किया गया।

सेकंड जनरेशन के कंप्यूटर की विशेषता क्या थी?

  • Vacuum tube के स्थान पर Transistor का उपयोग।
  • आकार में कुछ छोटे हुए तथा बिजली की कम खपत।
  • प्रथम पीढ़ी से काफी स्पीड और अधिक विश्वसनीय हो गए।
  • अपक्षाकृति कम खर्चीले थे।
  • स्टोरेज डिवाइस, प्रिंटर एवं ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग हुआ।
  • COBOL एवं FORTRAN जैसी हाई लेवल लैंगवेज प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग।

Computer 3rd Generation – तीसरी जनरेशन के कंप्यूटर (1964 से 1971)

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरो में IC (Integrated Circuits) ने ट्रांजिस्टर्स की जगह ले लिया। अब ट्रांजिस्टर को काफी छोटे कर के एक सिलिकॉन चिप्स के अंदर डाला गया जिसे सेमीकंडक्टर कहा गया। IC का आविष्कार Texas Instrument Company के अभियंता जैक किल्बी ने किया था। इस पीढ़ी में heat की समस्या काफी हद तक कम हो चुकी थी लेकिन इसे एक अनुकूलित वातावरण की आवश्यकता थी।

आई.सी ने speed and efficiency काफी ज्यादा बढ़ा दी थी। अब पंच कार्ड और प्रिंटऑउट की जगह तीसरी पीढ़ी में कीबोर्ड और मॉनीटर का इस्तेमाल शुरू हो गया। जिसके लिए ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रयोग किया गया। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में मुख्यरूप से ICL 2903, ICL 1900, UNIVAC 1108 और System 1360 आदि थे।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषता क्या है?

  • IC का प्रयोग हुआ जिससे कंप्यूटर की क्षमता में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई।
  • 1st व 2nd जनरेशन की अपेक्षा आकार एवं बजन में बहुत कम होत गए।
  • और अधिक विश्वसनीय हो गए।
  • पोर्टेबल हो गए और रख-रखाव मे कम खर्चा।
  • हाई लेवल लैग्वेज का प्रयोग किया गया।

Computer 4th Generation – चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर (1971 से 1980 तक)

चौथी पीढ़ी में माइक्रो प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया। इसमें हजारों IC को एक सिलिकॉन चिप के अंदर ही फिट किया गया। जिसे LIC (Large Integrated Circuit) कहा जाता है। अब लगभग 300000 ट्रांजिस्टरों के बराबर का सर्किट को एक इंच के चौथाई भाग में लगाया जा सकता था।  इस आविष्कार से पूरी Central Processing Unit (CPU) एक छोटी सी चिप के अंदर आ गयी जिसे Micro Processor कहा जाता है। अब इसके प्रयोग से कंप्यूटर साइज में इतने छोटे हो गए थे की इसे हथेली पर रख सकते थे।

Microprocessor
Microprocessor

1971 में Intel 4004 chip को Develop किया गया जिसके अंदर ही सारे कंपोनेंट को फिक्स कर दिया गया। सन् 1981 में IBM ने पहली बार घर पर इस्तेमाल होने वाला पहला कंप्यूटर सिस्टम तैयार किया।

ALTAIR 8800 सबसे पहला माइक्रो कंप्यूटर था जिसे मिट्स (MITS) नाम की कंपनी ने बनाय था। इसी कंप्यूटर पर बिल गेटस (Bill Gates) ने Basic Language को इंस्टॉल किया था। इसमें सफलता प्राप्त करने के बाद बिल गेटस ने माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की स्थापना की जो दुनिया की सबसे बड़ी Software कंपनी है।

चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटरों की विशेषता क्या है?

  • LSI और VLSI टेक्निक का इस्तेमाल किया गया।
  • कंप्यूटरों में Micro Processor के उपयोग से आकार में अद्भुत कमी आ गई।
  • आम लोगों के खरीदने योग्य हो गया क्योंकि लागत में कमी आ गई और रख-रखाव का खर्चा न के बराबर।
  • स्पीड, विश्वसनीयता में काफी ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई व साथ ही और अधिक प्रभावी हो गया।
  • इन कंप्यूटरो की मेमोरी क्षमता में काफी विकास हुआ।
  • इस जनरेशन में कई प्रकार के नेटवर्क का भी विकास हुआ।

Computer 5th Generation – फिफ्त जनरेशन के कंप्यूटर (वर्तमान से भविष्य)

इस पीढ़ी के कंप्यूटर में वर्तमान की तकनीक और भविष्य में आने वाले टेक्नोलॉजी को सामिल किया गया है। पाँचवीं पीढ़ी के कंप्यूटरों में Artificial intelligence को बढ़ावा दिया गया है, जैसे Voice recognition, Quantum calculation, parallel processing आदि। इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी advance हो चुके हैं। 

Artificial intelligence
Artificial intelligence

 

इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में Very Large Scale Integrated Circuit की जगह Ultra Large Scale Integrated Circuit का इस्तेमाल किया जाने लगा। जिससे डाटा और सूचना को आपस में शेयरिंग तथा आदान-प्रदान संभव हो गया। और साथ ही कंप्यूटर के आकार को भी बहुत ज्यादा कम करने का प्रयास किया गया। जिसका परिणाम आज हम एक कंप्यूटर को अपनी कलाई में घड़ी के जैसे पहन भी सकते हैं।

इस जनरेशन के कंप्यूटर इतने ज्यादा विकसित हो चुके है कि वे हर विशिष्ट क्षेत्र जैसे – अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, भवन निर्माण, अंतरिक्ष व अन्य दूसरे रिसर्च में उपयोग होने लगा।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर की विशेषताएं

  • VLSIC की जगह ULSIC का इस्तेमाल किया गया जिससे कंप्यूटरों के आकार में कई प्रकार के अंतर देखने को मिले। जैसे Desk Top, Lap Top, Palm Top आदि।
  • इस पीढ़ी में इंटरनेट का बहुत बड़ा योगदान रहा है अब कंप्यूटर दुनिया भर के कंप्यूटरों से कनेक्ट हो गए और इस तरह से हम घर बैठे ही कहीं भी Document, Information, Files, कुछ भी भेज तथा प्राप्त कर सकते हैं।
  • इंटरनेट से किसी भी प्रकार की जानकारी सर्च कर सकते हैं।
  • नए-नए प्रकार के Application अत्यधिक विकसित होने लगे किसी स्पेसिक कार्य के लिए एक सॉफ्टवेयर का डेवलप किया जाने लगा।
  • इस पीढ़ी में मल्टीमीडिया जैसे – Sound, Video (Graphics), Image, और Text का जमकर विकास हुआ जिससे कंप्यूटर की दुनिया में एक क्रांति पैदा हुई।
  • पाँचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर की मुख्य विशेषता Artificial Intelligence है। अब कंप्यूटर Face Recognition, Sound Recognition, जैसे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होने लगा।

FAQ Related to generation of computer

Q. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर का आविष्कार कब हुआ था?

Ans. सन् 1946 में।

Q. प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में किसका यूज किया गया?

Ans. वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) का।

Q. सेकंड जनेरेशन के कंप्यूटर में किसका यूज किया गया?

Ans. ट्रांजिस्टर (Transistor)

Q. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर किस पर आधारित है?

Ans. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर माइक्रो प्रोसेसर (Micro Processor) पर आधारित है।

Q. Fifth generation computer में किस पर जोर दिया गया है?

Ans. आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस (Artificial Intelligence)

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